दुनिया का एक ऐसा देश जहां पर आलू-प्याज के भाव में मिलती है दुल्हन, कुंवारे लड़के लाइन में खड़े होकर करते हैं खरीदारी!

आप लोगों ने कई तरीके का बाजार देखे होंगे। जैसे की सब्जियों का बाजार कपड़ों का बाजार खिलौने का बाजार और भी बहुत तरीके का बाजार होता है लेकिन आज हम आपको जिस बाजार के बारे में बताने वाले हैं।उस बाजार में युवा लड़के लड़कियों का अरदान प्रदान किया जाता है।हमें नहीं लगता है कि आप लोगों ने ऐसे बाजार के बारे में कभी नाम सुना भी होगा तो चलिए हम आप सभी को इस आर्टिकल के माध्यम से इसके बारे में विस्तार रूप से बताते हैं।

आज के इस समय में भी दुनिया में कई जगह ऐसे भी है। जहां पर इन बाजारों का उपयोग किया जाता है। उनका मानना है कि यह उन लोगों का पारंपरिक है। जो कि शुरू से ही चलते आ रहा है।जहां पर लड़के लड़कियों  की  शादी के लिए  ईश बाजार का उपयोग किया जाता है। इसके साथ ही इस बाजार में अलग-अलग नियम लागू होते हैं। 

   

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आज भी ऐसा माना जाता है कि। यह दूल्हा-दुल्हन पहले प्राचीन इतिहास तक ही सीमित नहीं रह गया है।बल्कि आज के इस युग में भी कहीं ना कहीं ऐसा उन लोगों के साथ किया जाता है।अगर हम आपको उदाहरण के लिए बताएं तो ऐसा बुल्गारिया क्षेत्र में देखने को मिला है। जहां पर इस तरह के विवाहों का कानूनी तौर पर इजाजत मिल गई है।यहां तक की आश्चर्य की बात तो यह है। कि सरकार भी इन तरह के विवाहों का दस्तावेज लेकर उस अरदान प्रधान को मंजूर कर लिया है। 

यहां देखने की बात यह होता है।कि जैसे वस्तुओं का कीमत लगाया जाता है ठीक उसी प्रकार से लड़कियों का भी कीमत लगाकर उन्हें खरीदा जाता है।और उन्हें प्रदर्शित करते हैं।  ठीक उसी प्रकार इन दूल्हा दुल्हन को क्रय विक्रय किया जाता है। बात करें दुल्हन की तो दुल्हन का कीमत उनके आधार पर अंतिम में  खरीदने वाले पर Depend करता है। बुल्गारिया गांव में इस प्रथा को देखा गया है।की एक परिवार अपने बेटे के लिए और अपने लिए बहू खोजने के लिए उसे बाजार की ओर जाता है।साथ में ही दोनों  पक्षों के आपस में बातचीत होते है।अगर संबंध बन जाए तो वहीं पर उन दोनों का आदान-प्रदान किया जाता है।और उनका पारिवारिक कीमत लगाया जाता है। साथ मे ही इसका भुगतान किया जाता है। 

साथ में ही सरकार द्वारा यह भी देखा गया है।कि यह प्रथा केवल विवाहों के लिए इस्तेमाल किया जाए।ना कि लड़के लड़कियों के  शोषण का आधार बन जाए। इसे देखते हुए ही वहां के सरकार ने यह निश्चित करने के लिए इसे स्थापित करने का फैसला किया है। ताकि कुछ मान डंडों को पूरा किया जाए। 

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