75 वर्ष में पहली बार इज़रायल के साथ मजबूती से खड़ा है भारत: एक नहीं कई हैं कारण! – Opinion

Opinion: जैसा कि आप सभी जानते ही होंगे इजराइल और भारत का संबंध बहुत ही अच्छा माना जाता है।इजराइल 1948 में अस्तित्व लाया गया। इजराइल द्रमास के हमले के बाद दुनिया दो भागों में बांट दी गई इस लड़ाई की सफलता का स्रोत मुस्लिम सोसायटी को माना जाता है। उसके साथ ही बाकी समुदायों की सहन भूमि इजरायल के साथ संबंध बनते दिख रहा है।

भारतीय इतिहास में पहली बार बिल्कुल साफ तौर पर देखा जा रहा है। कि इसे नकार दिया है। जिस दिन हमला हुआ उसी दिन भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सोशल मीडिया के माध्यम से साफ-साफ कह दिये कि भारत इजराइल का पूर्ण रूप से सहायता करेगा।इसी की संतुष्टि के लिए मंगलवार को पीएम मोदी ने एक और पोस्ट के माध्यम से साफ तौर पर कह दिया कि उनकी इसराइल प्रधानमंत्री से फोन पर बात हुआ है।

   

पीएम मोदी जी को इजरायली पीएम नेतन्याहू ने किया फोन

पीएम मोदी जी ने पोस्ट में बताते हुए कहा है।कि मैं प्रधानमंत्री नित्यनियाहु को उनके फोन कॉल पर मौजूदा स्थिति बताने के लिए उनका मैं धन्यवाद करता हूं।इस मुश्किल समय में भारत के लोग इसराइल के साथ सहनशक्ति से खड़े हैं भारत साफ तौर पर आतंकवाद और आतंकी की गतिविधियों को साफ शब्दों में निंदा कर रही है साथी इससे पहले भी मुस्लिम वर्ल्ड की संभावित नाराजगी के दबाव में प्लीजतीन के साथ संघ्रष् इसराइल के साथ यूं खुलकर खड़ा नहीं होते दिख रहे थे। तो चलिए हम आप सभी को बताते हैं कि आखिरकार भारत इजराइल के लिए क्यों खड़ा हो रहा है। 

जैसा कि हम आप सभी जानते ही हैं कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच काफी बुरे हालात रहे हैं जिसमें पाकिस्तान की आतंकवादी समर्थन ने भारत को काफी चोट पहुंचा है मोदी जी ने 5 अगस्त 2019 को आर्टिकल 370 निश प्रभावित करके आतंकवादियों पर जोरदार वार क्या है। उधर हमास ने इजरायल के सीमा में घुसकर उनके साथ बड़ा साल्हू किया।उसमें कहीं ना कहीं भारत के पूर्ण रूप से पुराने दिन याद दिला दिए। 

जानकारों की मुताबिक जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी की  वर्ष 1984 मै हत्या कर दी गई। तो भारत और इसराइल के बीच काफी अच्छे संबंध बनने लग गए। उनके हत्या के बाद राजीव गांधी जी को प्रधानमंत्री बना दिया गया साथी उनके  vip सिक्योरिटी के लिए SPG और NSG को तयार किया गया। BBC हिंदी का न्यू पोर्टल रक्षा राहुल बेदी के माध्यम से लिखता है।जिससे इन जवानों की ट्रेनिंग इजराइल जवानों की ट्रेनिंग जैसा ही दिया गया। फिर भारत ने पाकिस्तान को अपना परमाणु की तरह उपयोग कर के भारत और इजरायल के बीच अच्छा संबंध बना लिया।अगर देखा जाए तो भारत के लिए पाकिस्तान का परमाणु बम बना काफी चिंता की बात है।वही इसराइल को इस बात की चिंता थी कि कहीं पाकिस्तान अपने आपसी देश ईरान और कई आतंकवादी संगठनों के साथ मिलकर उनके पीछे ना पड़ जाए। BBC तारक लिखता है।कि इजरायल की भारत के पड़ोसी देश मैं हालत अच्छी नहीं है और दोनों देशों को एक दूसरे की जरूरत है।

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