Supreme Court Decision: अब सिर्फ वसीयत से कोई नहीं बन सकता है संपत्ति का मालिक, इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया अहम फैसला

Supreme Court Decision: बड़ा मकान हो या दुकान यदि आपके पास प्रॉपर्टी के पावर ऑफ अटॉर्नी हो या वसीयत हो तो उसके माध्यम से आप आसानी से कुछ भी खरीद सकते हैं। वैसा नहीं होगा सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को लेकर बहुत ही अहम फैसला सुनाया है जिस फैसले के अनुसार, कोई भी व्यक्ति अपने नाम पर की गई पावर ऑफ अटॉर्नी या वसीयत के पेपर दिखाकर किसी भी प्रॉपर्टी का ओनर नहीं बन सकता है।

किसी भी प्रॉपर्टी का ओनर होने के लिए या हक जताने के लिए क वसीयत या पावर ऑफ अटॉर्नी की मान्यता को रद्द कर दिया गया है।किसी भी राज्य या हाई कोर्ट में ऐसी प्रैक्टिस होती है जहां पर व्यक्ति को वसीयत के हिसाब से प्रॉपर्टी का हक दिया जाता है तो ऐसे में ये कानून का उलंघन करना कहलाएगा।

   

प्राप्त हुई जानकारी के मुताबिक, वसीयत की मान्यता तभी मानी जाएगी जब वसीयत बनाने वाले की मृत्यु हो जाती है तब। आपको बता दें कि जब तक वसीयत बनाने वाला जीवित रहता है तब तक इसकी कोई मान्यता नहीं होती है इसको असली बल तभी दिया जाता है जब वसीयत बनाने वाले व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है।

वसीयतनामे से किसी भी व्यक्ति को प्रॉपर्टी में हक देने के लिए इस दस्तावेज का सहारा नहीं लिया जा सकता हैं।आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट पहले भी एऐसे मामलों पर अपनी सुनवाई दे चुका है।

सूरज लैंप एंड इंडस्ट्रीज प्रा लिमिटेड बनाम हरियाणा राज्य और अन्य, (2009) केस का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने ही सुनाया था जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने बताया था कि प्रॉपर्टी का हक तभी मिल पाएगा जब प्रॉपर्टी का पंजीकृत हस्तांतरण विलेख हुआ होगा।

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